पंचमुखी कार्यक्रम
1. युवा शक्ति:
‘‘मेरा विश्वास आधुनिक युवा पीढ़ी में है। उनमें से मेरे कार्यकर्ता आएंगे और सिंह के समान सभी समस्याओं का समाधान करेंगे।’’ ऐसा स्वामी विवेकानन्द का विश्वास था। आज पूरे विश्व में भारत ही एकमात्र देश है जिसकी पचपन प्रतिशत आबादी युवा है। चिरयुवा प्राचीन भारत!!
स्वामीजी की सार्ध शती के अवसर पर 40 वर्ष की आयु से कम छात्र व गैर छात्र युवाओं द्वारा विवेकानन्द क्लब/विवेकानन्द युवा मंडली को प्रारंभ किया जाएगा। ये सेवा, आत्मविकास, अध्ययन, सुरक्षा व समरसता इन पाँच आयामों को अभिव्यक्त करते हुए कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे।
देश के सभी शहरों में एकसाथ सामूहिक सूर्यनमस्कार महायज्ञ तथा अखिल भारतीय निबन्ध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जायेगा।
‘‘मेरा विश्वास आधुनिक युवा पीढ़ी में है। उनमें से मेरे कार्यकर्ता आएंगे और सिंह के समान सभी समस्याओं का समाधान करेंगे।’’ ऐसा स्वामी विवेकानन्द का विश्वास था। आज पूरे विश्व में भारत ही एकमात्र देश है जिसकी पचपन प्रतिशत आबादी युवा है। चिरयुवा प्राचीन भारत!!
स्वामीजी की सार्ध शती के अवसर पर 40 वर्ष की आयु से कम छात्र व गैर छात्र युवाओं द्वारा विवेकानन्द क्लब/विवेकानन्द युवा मंडली को प्रारंभ किया जाएगा। ये सेवा, आत्मविकास, अध्ययन, सुरक्षा व समरसता इन पाँच आयामों को अभिव्यक्त करते हुए कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे।
देश के सभी शहरों में एकसाथ सामूहिक सूर्यनमस्कार महायज्ञ तथा अखिल भारतीय निबन्ध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जायेगा।

जनसेवा हीच ईश्वर सेवा हे ब्रीद खर्या अर्थाने सार्थ करणार्या सोलापूरच्या
ज्येष्ठ सामाजिक कार्यकर्त्या अपर्णा रामतीर्थकर यांना यंदाचा पु. भा. भावे
पुरस्कार जाहीर झाला आहे. ऍड. अपर्णा मूळच्या सातारा येथील पूर्वाश्रमीच्या
सुनीता यशवंत कुलकर्णी. त्यांची आजी हा त्यांचा आदर्श. यादो गोपाळ पेठेतील
त्यांचे घर म्हणजे कार्यकर्त्यांचा आधार. एरवीच नाही तर आणीबाणीतही भूमिगत
झालेला कार्यकर्ता मध्यरात्री दोन वाजता आला तरी त्याला पिठलं-भात करून आजी
आश्रय देत. ७५व्या वर्षी आणीबाणीविरोधात सत्याग्रह, पत्रके वाटणार्या आजीचा
वारसा अपर्णाताई पुढे चालवत आहेत.